तेरे मेरे मिलन की यह रैना…

फिल्म अभिमान का यह गाना किशोर कुमारजी और लताजी ने गाया था जो बड़ा ही सूपर हिट हुवा था..आज भी लोग इस गाने को सुनना पसंद करेंगे यह मेरा दावा है…इस गाने मे रोशनीजी ने आपनी बहुत ही सुरीली आवाज़ देकर और भी सजाया है..मैं श्री दिलीप भाई गज्जर का बहुत ही आभारी हूँ जिन्होने मूज़े यह ट्रॅक दिया…तो सुनिए यह ज़बरदस्त नज़राना….

Abhimaan 1

तेरे मेरे मिलन की यह रैना…

तेरे मेरे मिलन की ये रैना..नया कोई गुल खिलाएगी
तभी तो चंचल है तेरे नैना.. देखो ना..
देखोना..तेरे मेरे मिलन की ये रैना..

१) नन्हा सा फूल खिलेगा अंगना, सुनी बाइया सजेगी सजना
जैसे खेले चंदा बादल मे, खेलेगा वो तेरे आँचल मे
चन्दनिया गुन गुनाएगी-२ तभी तो चंचल है मेरे नैना
देखो ना-देखो ना,तेरे मेरे मिलन की यह रैना…

२) तुझे थामे कई हाथों से, मिलूँगा मदभरी रातों से-२
जगा के अनसुनी सी धड़कन, बालमवा भर दूँगी तेरा मन,
नयी अदा से सताएगी-२ तभी तो चंचल है तेरे नैना,
देखो ना-२ तेरे मेरे मिलन की यह रैना…

!! इति !!

” जानेजाँ ढूढ़ता फिर रहा…”

jawani diwani

” जानेजाँ ढूढ़ता फिर रहा…”
जानेजाँ ढूंढता फिर रहा हूँ तुम्हे रात दिन मैं यहा से वहा,
मुझको आवाज़ दो छुप गये हो सनम, तुम कहाँ..मैं यहा..२
…जानेजाँ ढूढ़ता फिर रहा…

१) ओ मेरे हम सफ़र , प्यार की राह पर,
साथ चले हम मगर, क्या खबर..२
रास्ते मे कही, रहे गये हमनशीं,
तुम कहा.. मैं यहाँ..२
जानेजाँ ढूढ़ती फिर रहा, हूँ तुम्हे रात दिन…
तुम कहाँ..मैं यहा…

२) दिल मचल ने लगा, यूही ढालने लगा,
रंग भरा प्यार का यह समा…२
आज ऐसे मे बस छोड़कर चल दिए,
तुम कहा…मैं यहाँ…२

!! इति!!


प्यारे दोस्तों,
श्री किशोर कुमारजी का और आशा भोसलेजी का गाया हुवा एक जबरदस्त नज़राना फिल्म जवानी दीवानी से लिया गया है..आप के लिए प्रस्तुत करते है…प्रकाश सोनी और निकिता शाह की आवाज़ मे.. गाने को तकनीकी सहायता की है जतिन जी ने..जिनके हम बहुत ही शुक्रगुज़ार है!! आशा है आप को ज़रूर पसंद आएगा!

हज़ार राहें मूड के देखी

किशोरदा और लताजी का बेनमून नज़राना पेश-ए – खिदमत है….
प्रकाश सोनी,निकिता शाह और जतिन का एक ओर नज़राना..

हज़ार राहें मूड के देखी, कही से कोई सदा ना आई
बड़ी वफ़ा से निभाई तुम ने हमारी थोड़ी सी बेवफ़ाई

१) जहा से तुम मोड़ मूड गये थे-२
वो मोड़ अब भी वही पड़े है
हम अपने पैरों मे जाने कितने-२
भवर लपेटे खड़े है..
…बड़ी वफ़ा से…

२) कही किसी रोज़ यूँ भी होता ,
हमारी हालत तुम्हारी होती,
जो रात हमने गुज़ारी मरके,
वो रात तुमने गुज़री होती..
…बड़ी वफ़ा से…

३) तुम्हे यह ज़िद थी के हम बुलाते,
हमे यह उम्मीद वो पुकारे,
है नाम होटो पे अब भी लेकिन,
आवाज़ मे पड़ गयी दरारें..
…बड़ी वफ़ा से…

!! इति !!


“दिल है की मानता नहीं….”

प्यारे दोस्तों..फिर से लाए है एक और जबदस्त गाना जो फिल्म “दिल है की मानता नहीं” से लिया गया है..यह गाना कुमार सानूजी ने और अनुराधाजी पौंडवाल ने गया था..आमिर ख़ान और पूजा भट्ट पर फिल्माया गया था..इस गाने मे मेरा साथ दिया है निकिता शाह ने और इस गाने को अपनी जबरदस्त तकनीकी खशियात दिखाई है जतिन ने..उन दोनो का मैं टे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ!
मेरा विश्वास है आप को ज़रूर पसंद आएगा!
तो लीजिए आप की सेवा मे समर्पित है….




“दिल है की मानता नहीं….”

दिल है की मानता नहीं..२
मुश्किल बड़ी है रस्मे मोहब्बत, यह जनता नहीं..
… दिल है की मानता नहीं..

१) दिल तो यह चाहे, हर पल तूमे हम बस यूही देखा करें,
मरके कभी ना हम तुम जुदा हो,आओ  कुछ ऐसा करें,
मुज मे समा जा आ पास आजा, हमदम मेरे हम नशि..
… दिल है की मानता नही..

२) तेरी वफ़ाए, तेरी महोबत, सब कुछ है मेरे लिए..
तूने दिया है नज़राना दिल को, हमतो है तेरे लिए,
यह बात सच है सब जानते है,तुम को भी यह यकीन..
दिल है की मानता नहीं, मुश्किल बड़ी है रस्मे महोबत यह जनता नहीं..
… दिल है की मानता नहीं..

!! इति !!

“आप की आँखों मे कुछ..”

प्यार के बिना जीवन शून्य है यह बात हम सब जानते है… मगर गृहस्थ जीवन मे कदम रखने के बाद अपने हमसफ़र के साथ नये जीवन की शुरुआत क्या खूब रहती है…वो प्यार यहा पर हूबहू इस गाने मे नज़र आता है…फिल्म “घर” से लिया गया यह गाना किशोर कुमारजी और लताजी ने बखूबी गया है..जो आपके लिए पेश -ए – खिदमत करता हूँ..
मैं प्रिय निकिता जिन्हो ने मेरा साथ दिया गाने मे,उनका बहुत ही शुक्रिया अदा करता हूँ..उनकी आवाज़ मे एक अलग ही कशिश है जो सुनने वालो को ज़रूर पसंद आएगी!
मेरे प्रिय मित्र जतिन , जो लंडन मे रहते है उन्होने अपनी तकनीकी कलाकारी दिखाकर गाने को और भी सुंदर बनाया है…मैं श्री जतिन का
तेह दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ!!

“आप की आँखों मे कुछ..”

आप की आँखों मे कुछ महके हुए से राज़ है
आप से भी खूब सूरत आप के अंदाज़ है….
…आप की आँखों मे कुछ..

१) लब हीले तो मोगरे के फूल खिलते है कही-२
आप की आँखों मे क्या साहिल भी मिलते है कही
आप की खामोशिया ही आप की आवाज़ है..
… आप की आँखों मे कुछ..

२) आप की बातों मे फिर कोई शरारत तो नही-२
बेवजह तारीफ करना आप की आदत तो नहीं..
आप की बदमाशियो के यह नये अंदाज़ है…
आप की आँखों मे कुछ, महके हुए से राज़ है,
आप से भी खूब सूरत आप के अंदाज़ है…
… आप की आँखों मे….

!! इति !!

“प्यार मे होता है क्या जादू….”

दोस्तो…फिर से  आया है प्यार का मौसम…फिर छाए है बादल… कलियाँ खिल गयी..सारी कायनात मे हरियाली छा गयी..दिल मे फिर से उम्मीदें जाग उठी.. दिल मे छुपा प्यार मस्ती मे ये गाने लगा…वाह..क्या मौसम है..झूम ने को दिल करता है..अपने प्यार के साथ इस बारिश मे भीगने को दिल करता है..यह बात सिर्फ़ प्यार करने वाले ही जान सकते है..और यह गाने को तरसते है…”प्यार मे होता है क्या जादू..”


मैं निकिता का बहुत ही आभारी हूँ जिन्होने अपनी मधुर आवाज़ दी इस गाने को और मेरे साथ ये दो गाना गाया..उनकी आवाज़ की जितनी तारीफ की जाए वो कम ही है..निकिताजी का मैं तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ!

और इसके साथ मेरे एक बहुत ही आहेम और प्रिय दोस्त  जतिनजी,जो लंडन मे रहते है, उन्होने अपना अमुल्य समय दे कर इस गाने को सुंदर कर्ण प्रिय बनाने मे अपना हिस्सा बटोरा उनका भी सदा ऋणी रहुगा..

“प्यार मे होता है क्या जादू….”

प्यार मे होता है क्या जादू, तू जाने या मैं जानू..२
रहेता नही क्यू दिल पर काबू , तू जाने या मैं जानू..
प्यार मे होता है क्या जादू, तू जाने या मैं जानू…

१) गुन गुन करता क्यू फिरता है, कोई भवरा बाग मे..२
क्यू होती है फूल मे खुश्बू , तू जाने या मैं जानू..
प्यार मे होता है क्या जादू, तू जाने या मैं जानू….

२) चाँदनी हो तो चकोरी पागल सी क्यू होती है…२
जंगल मे कोयल की कुकु, तू जाने या मैं जानू….
प्यार मे होता है क्या जादू, तू जाने या मैं जानू…

३) जैसे हरियाली और सावन, जैसे बरखा और बादल..२
तेरे लिए मैं मेरे लिए तू, तू जाने या मैं जानू..
प्यार मे होता है क्या जादू, तू जाने या मैं जानू..
रहेता नही है दिल पर काबू, तू जाने या मैं जानू..
तू जाने या, मैं जानू..तू जाने या मैं जानू..
हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ…….२

!! इति !!


इतनी शक्ति हमे देना दाता…

इतनी शक्ति हमे देना दाता…

यह मधुर गीत “इतनी शक्ति हमे देना दाता,मन का विश्वास कमज़ोर हो ना..” प्रार्थना के स्वरूप मे गाया गया है! मेरे बहुत ही निकटतम मित्र श्री दिलीपभाई गज्जरजो लेस्टर, लंडन मे रहते है उनकी ही प्रेरणा से मैने यह गीत गाया है!इस मधुर प्रार्थना स्वरूप गाने  मे भरपूर भाव और प्रभु से बीनती का दर्शन होता है! एक बालक बनकर इंसान भगवान से शक्ति की याचना करता है!आप को भी यह अनुरोध है की आप भी मेरे साथ मिलकर प्रभु से शक्ति की प्रार्थना करें!

इतनी शक्ति हमे देना दाता, मन का विश्वास कमज़ोर हो ना..२)
हम चले नेक रस्ते पे हमसे भूल कर भी कोई भूल हो ना..२)

१) दूर अज्ञान के हो अंधेरे, तू हमे ज्ञान की रोशनी दे,
हर बुराई से बचकर रहे हम,जितनी भी भले ज़िंदगी दे..
बैर हो ना किसी का किसी से, भावना मन मे बदले की हो ना,
हम चले नेक रास्ते पे हम से, भूलकर भी कोई भूल हो ना..
…इतनी शक्ति हमे दे ना दाता….

२) हम ना सोचे हमे क्या मिला है, हम यह सोचे किया क्या है अर्पण,
फूल खुशियों के बाँटे सभी को, सब का जीवन ही बन जाए मधुबन..
अपनी ममता का जल तू बहाके, कर दे पावन हरेक मन का कोना..
हम चले नेक रास्ते पे हम से, भूलकर भी कोई भूल हो ना..
…इतनी शक्ति हमे देना दाता…

!! इति !!


“समा है सुहाना सुहाना..”

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सुनहरे दिन लौट आए है..बारीशो का मौसम आ गया है, धरती पर चारों ओर हरियाली छाई हुई है… ऐसे मौसम मे चलिए साथ मिलकर किशोर दा के इस बहुत ही प्रचलित गाने का मज़ा उठाए..

 फिल्म घर घर की कहानी से लिया गया यह गाना जलाल आगा के उपर फिल्माया गया है और सभी प्रेमी अपने महबूब के साथ मिलकर नाच रहे है…

 “समा है सुहाना सुहाना..”

समा है सुहाना सुहाना, नशे मे जहा है,
किसी को किसीकि, खबर ही कहा है,
हर दिल मे देखो महोब्बत जवा है…२

१) हो रहा है मिलन दिलों का मस्ताना-२
हो गया है कोई किसिका दीवाना,
जहा दिलरुबा है दिल भी वहा है,
जिसे प्यार करिए वोही दरमिया है…
…… समा है सुहाना सुहाना..

२) कहे रही है नज़र नज़र से अफ़साने-२
हो रहा है असर की जिसको दिल जाने,
देखो यह दिल की अजब दास्तान है,
नज़र बोलती है,दिल बेज़ुबान है..
……समा है सुहाना सुहाना,नशे मे जहा है,
किसी को किसी की खबर ही कहा है,
हर दिल मे देखो मोहबत जवा है……

              !! इति !!

 

कहना है,कहना है आज तुमसे यह पहली बार

मेरे बहुत ही प्यारे और बेहतरीन गायक श्री किशोर कुमारजी का यह गाना आप के लिए पेश करता हूँ! यह गाना फिल्म पड़ोसन से लिया गया है ओर यह गाना सुनील दत्त जी ओर किशोर दा पर फिल्माया गया है! आशा है आप को ज़रूर पसंद आएगा!

कहना है,कहना है आज तुमसे यह पहली बार

 कहना है कहना है, आज तुमसे यह पहली बार,

तुम ही तो लाई हो जीव हो..तुम ही तो लाई हो जीवन मे मेरे प्यार प्यार प्यार-२

 १) तुम से कहने वाली ओर भी है प्यारी बाते-२

 सामने सब के बोलो कैसे केहदु सारी बाते,

आज मगर बस इतना ही करना है इकरार,

 तुम ही तो लाई हो जीवन मे मेरे,प्यार प्यार प्यार..

 २) कब से दिल ने मेरे मान लिया है तुमको अपना-२

 आँखें मेरी देख रही है जागते सोते यह सपना,

 मेरे गले मे डाल रही हो तुम बाहों का हार..

 तुम ही तो लाई हो जीवन मे मेरे,प्यार प्यार प्यार..

 कहना है,कहना है,आज तुम से यह पहली बार..

 हो..तुम ही तो लाई हो जीवन मे मेरे,प्यार प्यार प्यार..

 !! इति !!

कही दूर जब दिन ढल जाए….

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श्री. मुकेशजी का यह गाना फिल्म आनंद से लिया गया है..ज़िंदगी की सारी सचाई इस गाने मे हूबहू नज़र आती है!
कैसी यह हक़ीकत है-” कभी तो यह दिल कभी मिल नही पाते..ओर कही से जन्मो के रिश्ते निकल आते है..” इस गाने के शब्द बहू ही अच्छे है.. ध्यान से सुनीएगा.. बहुत ही पसंद आएगा!!
-प्रकाश सोनी.

कही दूर जब दिन ढल जाए….

कही दूर जब दिन ढल जाए सांज की दुल्हन बदन चुराए चुपके से आए
मेरे ख़यालो के आँगन मे कोई सपनो के दीप जलाए,दीप जलाए..कही दूर जब..

१) कभी यूही जब हुई बोजल साँसे, भर आई बैठे बैठे जब यूही आँखे-२
कभी मचल के प्यार से छल के छुए कोई मूज़े पर नज़र ना आए,नज़र ना आए,
…कही दूर जब…..

२) कभी तो ये दिल कही मिल नही पाते, कहीं से निकल आए जनमो के नाते-२
ठनी थी उल्ज़न बैरी अपना मन अपना ही होके सहे दरद पराए, दरद पराए,
…कही दूर जब…..

!! इति  !!