” जानेजाँ ढूढ़ता फिर रहा…”

jawani diwani

” जानेजाँ ढूढ़ता फिर रहा…”
जानेजाँ ढूंढता फिर रहा हूँ तुम्हे रात दिन मैं यहा से वहा,
मुझको आवाज़ दो छुप गये हो सनम, तुम कहाँ..मैं यहा..२
…जानेजाँ ढूढ़ता फिर रहा…

१) ओ मेरे हम सफ़र , प्यार की राह पर,
साथ चले हम मगर, क्या खबर..२
रास्ते मे कही, रहे गये हमनशीं,
तुम कहा.. मैं यहाँ..२
जानेजाँ ढूढ़ती फिर रहा, हूँ तुम्हे रात दिन…
तुम कहाँ..मैं यहा…

२) दिल मचल ने लगा, यूही ढालने लगा,
रंग भरा प्यार का यह समा…२
आज ऐसे मे बस छोड़कर चल दिए,
तुम कहा…मैं यहाँ…२

!! इति!!


प्यारे दोस्तों,
श्री किशोर कुमारजी का और आशा भोसलेजी का गाया हुवा एक जबरदस्त नज़राना फिल्म जवानी दीवानी से लिया गया है..आप के लिए प्रस्तुत करते है…प्रकाश सोनी और निकिता शाह की आवाज़ मे.. गाने को तकनीकी सहायता की है जतिन जी ने..जिनके हम बहुत ही शुक्रगुज़ार है!! आशा है आप को ज़रूर पसंद आएगा!