इतनी शक्ति हमे देना दाता…

इतनी शक्ति हमे देना दाता…

यह मधुर गीत “इतनी शक्ति हमे देना दाता,मन का विश्वास कमज़ोर हो ना..” प्रार्थना के स्वरूप मे गाया गया है! मेरे बहुत ही निकटतम मित्र श्री दिलीपभाई गज्जरजो लेस्टर, लंडन मे रहते है उनकी ही प्रेरणा से मैने यह गीत गाया है!इस मधुर प्रार्थना स्वरूप गाने  मे भरपूर भाव और प्रभु से बीनती का दर्शन होता है! एक बालक बनकर इंसान भगवान से शक्ति की याचना करता है!आप को भी यह अनुरोध है की आप भी मेरे साथ मिलकर प्रभु से शक्ति की प्रार्थना करें!

इतनी शक्ति हमे देना दाता, मन का विश्वास कमज़ोर हो ना..२)
हम चले नेक रस्ते पे हमसे भूल कर भी कोई भूल हो ना..२)

१) दूर अज्ञान के हो अंधेरे, तू हमे ज्ञान की रोशनी दे,
हर बुराई से बचकर रहे हम,जितनी भी भले ज़िंदगी दे..
बैर हो ना किसी का किसी से, भावना मन मे बदले की हो ना,
हम चले नेक रास्ते पे हम से, भूलकर भी कोई भूल हो ना..
…इतनी शक्ति हमे दे ना दाता….

२) हम ना सोचे हमे क्या मिला है, हम यह सोचे किया क्या है अर्पण,
फूल खुशियों के बाँटे सभी को, सब का जीवन ही बन जाए मधुबन..
अपनी ममता का जल तू बहाके, कर दे पावन हरेक मन का कोना..
हम चले नेक रास्ते पे हम से, भूलकर भी कोई भूल हो ना..
…इतनी शक्ति हमे देना दाता…

!! इति !!


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8 comments on “इतनी शक्ति हमे देना दाता…

  1. My Dear Brother Prakashbhai

    As I’m listening and enjoying this lovely Bhajan, great Lyrics, and absolutely great singing Prakashbhai!! You know I love Devotional Songs and you’ve rendered it so nicely with great feel and emotions.

    Keep sharing such lovely Bhajans.

    Thanks a lot.

    Hansa & Rajesh

  2. श्री प्रकाशभाई..आपके भक्तिमय स्वर और प्रभुमय भाव और समर्पनके विचार और मित्रताकी सुगन्धसे यह गीत बहुत ही अच्छा गाया है..
    और सही अर्थ्मे उसको अर्पण हुआ है…
    भक्त तो यही कहता है..यही चाहता है..कि यह जो जिवन मिला है तेरी क्रुपासे..यह जो दोस्ती मिली है तेरे कारण..यह धन तन मन जीवन जीवनसाथी सब तेरी ही वजहसे मिला है..कोई भी बुद्धीशाली समझ सकता है कि क्या बालिशता है…यह सब तो हमारी ही मेहनत का फल है..अपने ही करम का फल है…किन्तु..सच्चे भक्त की समझ और भी गहरी होती है उसका आनन्द और भी बढ जाता है जव वह यह जानता है कि यह सब सिर्फ मेरए कीये से नहि है…मेने सिर्फ ईच्छा परगट की की कुछ डिवोशनल गाये तो आपके मुह से यह..इतनी शक्ति हमे देना..नीकल पडा तो मेरे मन्में भी यही था..सच्मे तो आपने यह गाना जहासे आया है उसीके लिये गाया है..ईश्वरसे ही आया है ईश्वरके लिये ही गाया है…इसिलिये उसीको सर्पण है..जैसे हम फूल उसे देते है..वो तो उसका बनाया हुआ है..वैसे भी..आपने अपनी कला..ईशवको सर्पण की है..
    हम ना सोचे हमे क्या मिला है, हम यह सोचे किया क्या है अर्पण,
    फूल खुशियों के बाँटे सभी को, सब का जीवन ही बन जाए मधुबन..
    यहा जैसा कहा है वैसे ही…हमारा विश्वास कमजोर न हो..यही प्रारथना..
    आपका मित्र दिलीप

  3. प्रकाशभाई बहोत ही अच्छा गाना..भजन और आपने बहोत ही मधूर अवाजमे गाया.
    सपना

  4. hi,
    i am nisha patel from london and i got u r site from lafango.com, which i joined yesterday. i like the duet songs of u and nikita, special from the film ghar.
    all the best.
    nisha patel
    [london]

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